यूँ लगता है जैसे कि वो चाँद खफा है दूर है तो क्या हुआ उसे मुझसे वफ़ा है दिल तोड़ रूठ जाना उसे बहुत भाता है दुनिया को बहकाना उसे बहुत आता है पास हैं इतने कि साँसे बसती हैं हमारी...