चालान

सावन-भादो की मूसलाधार बारिश के बाद सोशल मीडिया में कुछ लोगों द्वारा ताबड़तोड़ पोस्ट से जो बारिश हुई उससे कई लोग अनजाने में फिसलकर कमेंट बॉक्स में जा गिरे। कुछ लोग तो ना चाहकर भी घिसटते हुए इनबॉक्स की नाली में जाकर फँस गए हैं। जो बड़ी बेताबी से उछल रहे थे उनका स्क्रीनशॉट ले लिया गया है और अब ना बच पाने के डर से शायद छटपटा भी रहे हैं।

तो क्या चालान सिर्फ लड़कों का ही कटेगा एक तो पहले ही पानीपुरी और मेंहगी वाली चॉकलेट से इंसान बेदम हुआ है। सैलरी है कि बढ़ने का नाम ही नहीं ले रही, नौकरी में छँटनी के कारण जॉब स्विच करना भी सिर दर्द हो गया है।

मेरे पास एक अच्छी जॉब का ऑफर है मगर वहां मैं अपनी ज़ालिमा को लेकर नहीं जा सकता। और ऐसे में पानीपुरी का आर्डर या तो जोमैटो से देना होगा या फिर खुद दो सौ किमी का लंबा फेरा लगाना पड़ेगा। लंबा फेरा में किराया बहुत है ऊपर से एक दिन की छुट्टी लेनी होगी जिससे इनकम घटकर पिछली जॉब के बराबर ही हो जाएगी तो ऐसे में यह ऑफर केवल वनवास ही रह जाएगा, और जोमैटो को आर्डर करो तो 28% टेक्स वसूलता है।

लड़के हेलमेट लगाते हैं तो बाल सीधे ना होने के कारण लड़कियाँ भाव नहीं देतीं। और जब खूबसूरत लड़कियाँ स्कार्फ़ लगाकर घूमती हैं तो उसे हेलमेट मान लिया जाता है, तो क्या लड़के अब खूबसूरत लड़कियों के चेहरे भी नहीं देख पाएँगे। यह सरासर अन्याय है एक तो आप अपने शहर की दीपिका और आलिया जैसी खूबसूरत लड़कियों को हाई फाइव नहीं कर पाएंगे और दूसरा अगर आपकी भुक्खड़ ज़ालिमा किसी के साथ पानीपुरी खाने निकल गई तो आपको कैसे पता चलेगा।

बुलेट से थोड़ा इम्प्रैशन पड़ रहा था मगर उसकी दिल धड़काती आवाज़ को भी हाथी की तरह भारी-भरकम चालान ने साइलेंस करवा दिया है। ऐसे में अब बुलेट का धक-धक करता साउंड सुनाई नहीं देगा। उड़ती हुई खबर आई है कि बुलेट महिलाओं को सीधी टक्कर दे रही थी इसलिए चालान काटकर उनका शोर कम किया जा रहा है।

आजकल लोग धड़ाधड़ चालान भर रहे हैं। कुछ लड़कों के लिए सिग्नल तोड़ना तो जूनून की तरह है उन्हें रेड सिग्नल तो किसी खूबसूरत महिला के माथे में लाल सिन्दूर की तरह लगता है जिसकी फ़िक्र आजकल कोई नहीं करता।
कल एक पुलिसवाले ने एक माह में उपलब्धि हासिल कर फ्लेट का सौदा किया है, मुस्कुराकर कह रहा था नौकरी की सैलरी उठाये बिना खरीदा है और अगर ऐसे ही काम चला तो साल भर में आठ-दस घर और खरीद लेगा।
बता रहा था कि लोगों को चालान भरना बिलकुल भी पसंद नहीं है वो चुपके से हरा पत्ता निकालकर दे देते हैं। अब चालान का नाम सुनते ही बिना बहस किये जेब में जो भी है चुपके से निकालकर छूटने का प्रयास करते हैं। हम हेलमेट, सीटबेल्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का मामला नकदी से निपटा देते हैं इन्सुरेंस के लिए अगर वे नहीं मानते तो उन्हें दो ऑप्शन देते हैं एक चालान भरने का, और दूसरा ऑन द स्पॉट इन्सुरेंस कराने का चालान भरने का ऑप्शन बहस बाजी करने वालो के लिए बचाते हैं। बाकी हमने तुरंत इन्सुरेंस कराने का ऑप्शन दिया है, ऐसे में चालान से बचने के कारण सामने वाले को लगभग बीस प्रतिशत की बचत हो जाती है, इधर मैंने भी एक इन्सुरेंस कंपनी ज्वाइन कर ली है जिससे बीस-तीस प्रतिशत मुझे भी मिल जाता है जो लगभग चालान के बराबर ही होता है। पहली बार हम लोगों को वसूली में मज़ा आ रहा है। तो आप भी आइये बिना हेलमेट के, सीटबेल्ट लगाये बिना या फिर बिना इन्सुरेंस के…

©अज़ीम

Tags:

3 Comments

Leave a Reply