उम्मीद की रोशनी

उम्मीद की रौशनी दिल में तुम भरो यारो
लोग तुम्हें याद रखें ऐसा कुछ करो यारो

कौन इंसां है ज़माने में जो खुश नहीं होता
सही वक़्त में खबर लेकर फ़िक्र करो यारो

उम्र भी देखो कट रही है सब्जियों की तरह
ज़रा निकलो और किसी की मदद करो यारो

ज़िन्दगी ना किसी की हुई न ही होगी कभी
गुरुर टूटने के पहले खुदा से तुम डरो यारो

वार दुश्मन का हुआ तब तो तुम सह लोगे
दोस्त दुश्मन ना हो दुआ ये तुम करो यारो

लिखूँ कैसे अब तो अलफ़ाज़ भी नहीं मिलते
मेरी कोशिश में अब तुम ना शक करो यारो
-अज़ीम

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